ब्यूरो चीफ : नर्मदेश्वर प्रसाद चौधरी की रिपोर्ट

पछुआ हवाओं के कारण मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से उत्तर भारत के कुछ क्षेत्रों में मानसून का इंतजार बढ़ सकता है। इन क्षेत्रों में अब कुछ दिनों की देरी से मानसून पहुंचने की उम्मीद है। यह पूर्वानुमान सोमवार को भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) ने व्यक्त किया।

आइएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया मौसम विभाग ने दक्षिण-पश्चिम मानसून के 15 जून तक देश की राजधानी में पहुंचने की उम्मीद जताई थी। हालांकि, मौजूदा परिस्थितियों में ऐसा होने की संभावना नहीं है।

महापात्रा ने कहा कि आइएमडी के अनुसार मानसून की उत्तरी सीमा (एनएलएम) दीव, सूरत, नंदूरबार, भोपाल, नौगांव, हमीरपुर, बाराबंकी, बरेली, सहारनपुर, अंबाला और अमृतसर से होकर गुजर रही है।

आइएमडी के अनुसार दक्षिण पश्चिम मानसून अब तक पूरे प्रायद्वीप (दक्षिण भारत), पूर्व मध्य और पूर्व और उत्तरपूर्वी भारत और उत्तर पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में सक्रिय मानसून परिसंचरण और बिना किसी अंतराल के कम दबाव वाले क्षेत्र के गठन के साथ आगे बढ़ा है। मध्य अक्षांश की पछुआ हवाओं के कारण उत्तर पश्चिम भारत के शेष हिस्सों में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने की संभावना है। आइएमडी की ओर से बताया गया कि मानसून की प्रगति की लगातार निगरानी की जा रही है। दैनिक आधार पर आगे की सूचना दी जाएगी।

उल्लेखनीय है दक्षिण-पश्चिम मानसून जुलाई के पहले सप्ताह तक पश्चिमी राजस्थान में पहुंच जाता है। देश के बड़े क्षेत्र को आच्छादित करते हुए यह इसका अंतिम ठिकाना होता है। यह उत्तर-पश्चिम राजस्थान में सबसे देर से पहुंचता है और वहां से भी जल्दी चला भी जाता है।

दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अपनी सामान्य तिथि के दो दिन बाद 3 जून को केरल में दस्तक दी थी। लेकिन फिर इसने सामान्य तिथि से पहले पूर्व, पश्चिम, दक्षिण और मध्य भारत के कई हिस्सों को आच्छादित करते हुए तेजी से आगे बढ़ा।

रविवार को आइएमडी ने कहा था कि मानसून ने मध्य प्रदेश, पूरे छत्तीसगढ़, ओडिशा, बंगाल, झारखंड और बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों, पूरे उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद, उत्तरी हरियाणा के कुछ हिस्से, चंडीगढ़ और उत्तरी पंजाब को आच्छादित कर लिया। इसी के साथ मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए स्थितियां अनुकूल हैं। शेष हिस्से पूर्वी उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पश्चिम उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के कुछ हिस्सों में अगले 48 घंटों के दौरान यह सक्रिय हो जाएगा। हालांकि सोमवार को आइएमडी ने अपने पूर्वानुमान में संशोधन कर लिया।