मध्यप्रदेश में कोविड महामारी के दौर में अपनी और अपने परिवार की जान जोखिम में डालकर कोरोना वॉरियर्स के रूप में फ्रंट लाइन पर जमीनी स्तर तक काम करने वाली आशा, ऊषा एवं आशा सहयोगिनी कार्यकर्ता सरकार द्वारा अपनी उपेक्षा से दुखी हैं और वे अपने नियमितीकरण और मानदेय वृद्धि की मांग सरकार से कर रही है।

उक्त मांग को जायज बताते हुए जिला कॉंग्रेस कमेटी पन्ना के जिला प्रवक्ता एवं प्रदेश कोर कमेटी सदस्य रामवीर तिवारी ने प्रदेश की आशा,ऊषा एवं आशा सहयोगिनी कार्यकर्ताओं की मांग का समर्थन किया है। श्री तिवारी ने कहा कि कोरोना के संकट के समय फील्ड पर खुद की परवाह किए बिना आशा ,ऊषा एवं आशा सहयोगिनी कार्यकर्ता ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों में लगातार चिकित्सीय कार्य में सहयोग, जागरूकता और वेक्सीनेशन की ड्यूटी में लगातार संलग्न हैं, लेकिन सरकार वेतनमान के मामले में सिर्फ उनका शोषण कर रही है।

श्री तिवारी के कहा कि सत्ताधारी भाजपा सरकार अपने वादों को भूल सिर्फ जुमलाबाजी करते नजर आ रही है ।
कांग्रेस जिला पन्ना प्रवक्ता रामवीर तिवारी ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सरकार इन महिलाओं की कोरोना काल में ड्यूटी लगा उनसे बहुत काम ले रही है लेकिन वेतनमान सिर्फ दो हजार रुपये देकर महिलाओ का मजाक बना रही है। आज की इस बढ़ती महंगाई के दौर में दो हजार रुपये कोई मायने नहीं रखते जिससे परिवार का पालन पोषण करना बेहद कठिन है ।

श्री तिवारी ने कहा इन आशा ऊषा एवं आशा सहयोगिनी को नियमित किया जाए, दुर्घटना और मृत्यु होने पर 5 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान करने के साथ उन्हें सम्मानजनक मानदेय दिया जाए। श्री तिवारी ने कहा कि महिला सशक्तिकरण की बात करने वाली सरकार स्वयं महिलाओं का शोषण कर रही है जो अनुचित है। सरकार को चाहिए कि वह महिलाओं को सबल और सशक्त बनाने उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाए। प्रदेश में आशा, ऊषा और आशा सहयोगिनी महिलाओं की जायज मांगों को जल्द से जल्द सुन कर उनका निराकरण किया जाए।