कृषि क्षेत्र में लाए गए तीन सुधारवादी कानूनों के विरोध में किसान सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं। कई दौर की बातचीत के बाद भी अभी तक सहमति नहीं बनी है।किसानों को आशंका है कि इन सुधारों के बहाने सरकार एमएसपीपर फसलों की सरकारी खरीद और वर्तमान मंडी व्यवस्था से पल्ला झाड़कर कृषि बाजार का निजीकरण करना चाहती है।

सरकार का कहना है कि इन तीन सुधारवादी कानूनों से कृषि उपज की बिक्री हेतु एक नई वैकल्पिक व्यवस्था तैयार होगी जो वर्तमान मंडी व एमएसपी व्यवस्था के साथ-साथ चलती रहेगी। इससे फसलों के भंडारण, विपणन, प्रसंस्करण, निर्यात आदि क्षेत्रों में निवेश बढ़ेगा और साथ ही किसानों की आमदनी भी बढ़ेगी

हालाकिं सरकार के तमाम वादों में से एक पर भी किसान विस्वास नहीं कर पा रहे हैं वही सरकार प्रदर्शन कर रहे किसानो को समझाने के बजाय देश भर के अपनी पार्टी से जुड़े किसान संघटन से समर्थन मांग रही हैं लेकिन विरोध कर रहे किसानो से बातचीत करने को तैयार नहीं।

वही हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गाँधी अपनी निजी यात्रा पर देश से बाहर गए इसपर कांग्रेस ने भी कहा की ये उनकी निजी यात्रा हैं पारिवारिक वजह के कारण गए हैं. लेकिन चाटुकार मीडिया मानने को तैयार नहीं हैं.

गोदी मीडिया लगातार राहुल; को लेकर सवाल उठा रही हैं की राहुल किसानो को बीच सड़क पर छोड़ कर निजी यात्रा कैसे कर सकते हैं. एक तरह से गोदी मीडिया की माने तो किसान सड़क पर आंदोलन कर रहे हैं तो पीएम मोदी उससे बात ना करे बल्कि राहुल बात करे?

राहुल के निजी यात्रा को लेकर रुबिका लियाकत ने ट्वीट किया हैं रुबिका ने अपंनी चाटुकारिता दिखाते हुए लिखा ” छोड़ के पीछे किसान
राहुल चले मिलान!! शाम 5 बजे @ABPNews पर

अब रुबिका के इस ट्वीट पर कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने जबाब देते हुए लिखा ” 45 से ज़्यादा किसानो की शहादत पर #मोदी जी का मौन? कोई मुद्दा नहीं रुबिका
@RubikaLiyaquat जी? राहुल जी की निजी यात्रा #राष्ट्रीयआपदा ? कमाल है #media का”