केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों को लेकर गतिरोध अब भी बरकरार है। नए कृषि कानूनों को रद्द कराने पर अड़े किसान इस मुद्दे पर सरकार के साथ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर चुके किसान अब केंद्र सरकार पर चौतरफा दबाव बनाने की रणनीति बना रहे हैं।

इसके लिए दिल्ली-हरियाणा को जोड़ने वाले सिंघु बॉर्डर पर डटे किसानों का नेतृत्व कर रहे किसान नेता कुलवंत सिंह संधू ने मंगलवार शाम कहा कि आज पंजाब के 32 किसान संगठनों की बैठक हुई और उसमें यह फैसला लिया गया है कि केंद्र सरकार की तरफ से भेजे गए प्रस्ताव पर कल की बैठक में फैसला लिया जाएगा।

अब इसी को लेकर किसान नेता राकेश टिकैत ने ट्वीट कर कहा ” सरकार यह गलतफहमी दिमाग से निकाल दे कि किसान दिल्ली से वापिस जाएगा,जब तक बिल वापसी नहीं तो घर वापसी नहीं