मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण प्रदेश में किए गए लॉकडाउन के कारण आमजन काफी परेशान हुआ है, जिसके कारण आम आदमी आर्थिक संकट से जूझ रहा है।

ऐसे समय में अभिभावकों और विद्यार्थियों की समस्या को देखते हुए जिला कांग्रेस कमेटी पन्ना के जिला प्रवक्ता एवं प्रदेश कोर कमेटी सदस्य रामवीर तिवारी ने प्रेस में बयान जारी करते हुए स्कूलों और कॉलेजों की शुल्क माफ करने की मांग सरकार से की है। श्री तिवारी ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह आम आदमी का ख्याल रखे।

इस सत्र में कोरोना को देखते हुए बिना परीक्षा के ही स्कूल और कॉलेजों के विद्यार्थियों की कक्षा उन्नति करने के बावजूद विद्याथियों से परीक्षा शुल्क वसूल की गई है, जब परीक्षा ही नहीं हुई तब परीक्षा शुल्क लिया जाना अनुचित ही है। ऐसे विपरीत समय में बेहद जरूरी है कि विद्यार्थियों से वसूल की गई परीक्षा शुल्क वापस की जाए एवं नवीन शिक्षा सत्र में प्रवेश शुल्क भी माफ किया जाए।

श्री तिवारी ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह अपने आपको विद्यार्थियों का मामा कहते हैं तो उन्हें विद्यार्थियों की परेशानी को भी समझना चाहिए।

प्रदेश में आम आदमी आर्थिक संकट से जूझ रहा हैं, लोगों को परिवार चलाने का संकट है, ऐसे मुश्किल वक्त में अभिभावकों को शुल्क देना, पाठ्यपुस्तक और अन्य अध्ययन सामग्री खरीद पाना कठिन होता है फिर भी प्रदेश में विद्यर्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति भी रुकी हुई है सरकार को चाहिए कि समाज के पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों की मिलने वाली छात्रवृत्ति का भुगतान समय पर कराया जाए।

श्री तिवारी ने कहा शिक्षा के प्रति गंभीरता को समझते हुए सरकार को चाहिए कि वह विद्यार्थियों के हित में वसूली गई परीक्षा शुल्क वापस कराए एवं इस सत्र का प्रवेश शुल्क माफ करे ताकि प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा प्राप्ति में कोई अवरोध उतपन्न न हो और गरीब परिवार के बच्चों का भविष्य अंधकारमय होने से बचाया जा सके।