लोजपा में टूट पर चिराग पासवान परेशान है। जहां एक तरफ लोजपा के ही 5 सांसद मिलकर चिराग को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटा दिया है वही चिराग इस फैसले के खिलाफ पार्टी मीटिंग बुलाकर पार्टी से उन पांचों सांसदों को निष्काशित कर दिया और लोजपा के बिहार इकाई प्रदेश अध्यक्ष प्रिंस राज को हटा कर राजू तिवारी को अध्यक्ष चुन लिया।

उन पांचों सांसदों को लेकर चिराग ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर लोजपा पार्टी के नेता पशुपति कुमार पारस को लोकसभा में पार्टी नेता के तौर पर मान्यता दिए जाने पर विरोध जताया है। आपको बता दे की चिराग के चाचा पशुपति पारस को लोजपा के बाकी के 5 सांसदों ने अपना नेता चुन लिया था। जिसकी वजह से लोजपा दो गुटों में बंट गई।

चिराग पासवान ने ओम बिरला को लिखे पत्र में कहा की उनकी अध्यक्षता में पार्टी ने पशुपति पारस समेत उन पाँच सांसदो को लोजपा से निष्कासित कर दिया है। इसलिए लोकसभा अध्यक्ष अपने फैसले पर पुर्नविचार करें और सदन में उन्हें लोजपा के नेता के तौर पर मान्यता देने का नया परिपत्र जारी करें।

वही चिराग ने पार्टी टूट पर अपने चाचा पशुपति पारस को जिम्मेदार ठहराया है। चिराग छह पेज के एक चिट्ठी को ट्विटर पर डाला है ये चिट्ठी चिराग ने होली के समय अपने चाचा को लिखा था और उनसे अनुरोध किया था की आप मार्गदर्शक बनकर पार्टी को संभाले और रामविलास पासवान के जगह चिराग को दिशा निर्देश दी की पार्टी आगे कैसे बढ़ सकती है।