ब्यूरो चीफ : नर्मदेश्वर प्रसाद चौधरी की रिपोर्ट

कोरोना महामारी के दौरान सोनू सूद लोगों के मसीहा बनकर उभरे थेl उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से कई लोगों को कोरोना से जुड़ी दवाइयां उपलब्ध करवा कर दी हैl अब मुंबई उच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र सरकार को आदेश दिया है कि वह अभिनेता सोनू सूद और विधायक जीशान सिद्दीकी की कड़ी जांच कर पता लगाएं कि कोरोना की दवाइयां कैसे इनके पास पहुंची हैl मुंबई उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी कहा कि सेलिब्रिटी अपने आपको मसीहा बता रहे थे, जबकि उन्होंने इस बात की भी पुष्टि नहीं की कि क्या दवाइयां नकली है या वह अवैध तरीके से उन तक पहुंचाई जा रही हैl

मुंबई उच्च न्यायालय ने बुधवार को महाराष्ट्र सरकार को स्थानीय कांग्रेस विधायक जीशान सिद्दीकी और अभिनेता सोनू सूद की कड़ी छानबीन करने के लिए कहा हैl उच्च न्यायालय ने आदेश दिया है कि कोरोना महामारी के दौरान इन दोनों द्वारा उपलब्ध की गई दवाइयों के मामले में पूछताछ की जाएl दरअसल सोनू सूद और जीशान सिद्दीकी ने सोशल मीडिया पर आने वाली अपील के माध्यम से लोगों को कोरोना की दवाइयां उपलब्ध करवाने का प्रयास किया हैl मुंबई उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी कहा कि कलाकारों का व्यवहार मसीहा के अनुसार थाl जबकि वह इस बात की भी जांच नहीं कर पाए कि क्या दवाइयां नकली तो नहीं है या वह अवैध तरीके से तो नहीं आ रही हैl

मुंबई उच्च न्यायालय की एसपी देशमुख और जीएस कुलकर्णी की बेंच ने यह आदेश महाराज सरकार को दिया हैl दरअसल सरकारी वकील आशुतोष कुंभकोनि ने उच्च न्यायालय को बताया कि मजगांव मेट्रोपॉलिटन कोर्ट ने बीडीआर फाउंडेशन नामक ट्रस्ट के खिलाफ रेमदेसीविर दवाई विधायक जीशान सिद्दीकी को उपलब्ध करवा कर देने के मामले में क्रिमिनल केस दर्ज की हैl जबकि ट्रस्ट के पास ऐसा करने का लाइसेंस भी नहीं थाl वकील ने यह भी कहा कि सोनू सूद को ये दवाइयां अलग-अलग जगहों से कैसे उपलब्ध हुआ ।