सोशल मीडिया पर किसान प्रदर्शन को बदनाम करने के लिए कई पुराने वीडियोज़ और तस्वीरों के ज़रिए झूठे दावे चलाए गए हैं. इस बीच, 4 फ़रवरी 2021 को सुदर्शन न्यूज़ ने बस पर हमला करने का एक वीडियो ट्वीट किया. ट्वीट करते हुए सुदर्शन न्यूज़ ने लिखा, “बड़े धैर्य के साथ देश देख रहा है ये सब कुछ…सिर्फ करने वालों को नहीं… उनका साथ भी देने वालों को..

#IndiaAgainstPropaganda #KhalistaniExposed”. आर्टिकल लिखे जाने तक इस वीडियो को 99 हज़ार से ज़्यादा बार देखा और 5,862 बार रीट्वीट किया जा चुका है.

फ़ेसबुक और ट्विटर पर ये वीडियो वायरल है. फ़ेसबुक पेज ‘Vedic Tribe’ ने ये वीडियो किसान प्रदर्शन से जोड़कर पोस्ट किया है.

फ़ैक्ट-चेक

की-वर्ड्स सर्च करने पर हमने पाया कि ये वीडियो यूट्यूब पर सितंबर 2019 में अपलोड किया गया था. पंजाबी मीडिया आउटलेट ‘जगबानी’ ने 21 सितंबर 2019 को ये वीडियो पंजाब के कपूरथला-नकोदर रोड की घटना का बताकर अपलोड किया था.

22 सितंबर 2019 की जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, 14 सितंबर 2019 को कपूरथला-नकोदर रोड पर कुछ निहंग सिखों ने कृपाणों से कपूरथला पीआरटीसी डिपो की एक बस पर हमला किया था. मामला बस से घोड़े के चोटिल होने से शुरू हुआ था. गुस्साए निहंग सिखों ने बस को घेरकर तलवारों से हमला किया. ड्राइवर ने निहंग सिखों से घोड़े का इलाज करवा देने की बात भी कही थी लेकिन मामले ने तूल पकड़ लिया.

रिपोर्ट में थाना कालासंघिया के एएसआइ बलबीर सिंह के हवाले से बताया गया है, “शिकायत और वायरल हुए वीडियो के आधार पर अज्ञात चार निहंगों के खिलाफ अलग-अलग धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है. पता लगाया जा रहा है कि यह निहंग सिख किस जत्थे से संबंध रखते हैं और कहां के हैं. आरोपियों को जल्द ही गिरफ़्तार कर लिया जाएगा.” अमर उजाला ने भी इस घटना के बारे में 22 सितंबर 2019 को आर्टिकल पब्लिश किया था.

कपूरथला के SSP सतिंदर सिंह ने द ट्रिब्यून को बताया था कि कपूरथला डिपो ने इस घटना को रिपोर्ट नहीं करने का फ़ैसला लिया था. रोडवेज़ अधिकारी के हिसाब से ये घटना 13 सितंबर की थी.

कुल मिलाकर, सितंबर 2019 में निहंग सिखों के एक बस पर हमला करने का वीडियो हाल में किसान आंदोलन से जोड़कर शेयर किया गया. सुदर्शन न्यूज़ ने ये वीडियो शेयर करते हुए #KhalistaniExposed लिखा.