बिहार में ब्लैक फंगस महामारी घोषित,ब्लैक फंगस से बचने के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद SFD जिला प्रमुख श्रीकांत कुमार चलाएंगे ऑनलाइन जागरुकता अभियान, ऑनलाइन माध्यम से ब्लैक फंगस महामारी बीमारी से सेफ रहने के तरीके बताएंगे।

कोरोना के दूसरी लहर के बाद एक नए संकट के बीच एक नई बीमारी Black Fungus तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है. ऐसे में ब्लैक फंगस यानी Mucormycosis अब नई चुनौती बन रही है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी राज्यों से इसे महामारी घोषित करने का निर्देश दिया है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे महामारी रोग अधिनियम 1987 को तहत एक उल्लेखनीय बीमारी के रूप में वर्गीकृत करने को लेकर अपील की है. बता दें कि इससे पहले राजस्थान, महाराष्ट्र और तेलंगाना इस बीमारी को महामारी घोषित कर चुके थे लेकिन अब बिहार में भी इस बीमारी को महामारी घोषित कर दिया है।

बिहार स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने इसकी अधिसूचना जारी कर इसे अधिसूचित बीमारी घोषित कर दी। इसके अनुसार राज्य में किसी भी सरकारी या निजी अस्पतालों में ब्लैक फंगस के संदिग्ध या प्रमाणित मामले सामने आते हैं तो उसकी सूचना सिविल सर्जन के माध्यम से एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईएसडीपी), स्वास्थ्य विभाग को देनी होगी। गौरतलब है कि कई कोरोना मरीजों में ठीक होने के बाद ब्लैक फंगस के मामले सामने आए हैं।

इस महामारी को बताते हुए SFD जिला प्रमुख श्रीकान्त कुमार ने कहा कि राज्य में ब्लैक फंगस के अबतक 167 मरीज मिल चुके हैं
बिहार में कोरोना संक्रमण के बाद बढ़ रहे ब्लैक फंगस के अबतक 167 मरीजों की पहचान की जा चुकी है। इनमें से 70 मरीज राज्य के विभिन्न सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती हैं। जबकि शेष मरीजों को दवा देकर डॉक्टर की निगरानी में घर भेजा गया है। जानकारी के अनुसार आईजीआईएमएस में दो नए मरीज आये। जबकि एम्स पटना में ब्लैक फंगस के 40 मरीज ओपीडी में आए थे, इनमें से 8 मरीजों को भर्ती किया गया। शेष को जांच कराने की सलाह दी गई है। यहां तीस बेड का ब्लैक फंगस वार्ड पूरी तरह से फुल हो गया है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि एक नई बीमारी ब्लैक फंगस को राज्य सरकार ने भी महामारी घोषित की है। आईजीआईएमएस एवं एम्स पटना के साथ-साथ कई सरकारी एवं निजी अस्पतालों में ब्लैक फंगस की दवा उपलब्ध कराई गई है।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने इस महामारी के दौर में सेवा भावना से प्रेरित होकर लोगों को घर में सुरक्षित रहने तथा बेवजह घरों से नहीं निकलने तथा दो गज की दूरी बना कर रहने, मास्क लगाने साबुन से हाथ धोने सहित बचाव के विभिन्न पहलुओं को अपनाने की अपील अपील करेगा।