ब्यूरो चीफ : नर्मदेश्वर प्रसाद चौधरी की रिपोर्ट

टीम इंडिया के पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह को लगता है कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) का फाइनल तीन मैचों का होना चाहिए था, क्योंकि मौजूदा शेड्यूल से विराट कोहली की टीम थोड़ी नुकसान की स्थिति में है। भारतीय टीम गुरुवार को इंग्लैंड पहुंची 18 जून से साउथैंप्टन में न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले इस महामुकाबले में सीमित तैयारियों के साथ खेलने उतरेगी, जबकि न्यूजीलैंड की टीम मेजबान इंग्लैंड के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलकर आएगी।

शानदार प्रदर्शन के बदौलत टीम इंडिया को टी-20 और 2011 वनडे वर्ल्ड कप दिलाने वाले खिलाड़ी युवराज सिंह ने ‘स्पोर्ट्स तक’ से कहा, ‘मुझे लगता है कि इस तरह की स्थिति में बेस्ट ऑफ 3 टेस्ट होने चाहिए, क्योंकि अगर आप पहला टेस्ट हार जाते हैं, तो आप अगले दो में वापसी कर सकते हैं। भारत को थोड़ा नुकसान होगा, क्योंकि न्यूजीलैंड पहले से ही इंग्लैंड में टेस्ट क्रिकेट खेल रहा है। 8-10 अभ्यास सत्र होंगे, लेकिन मैच-प्रैक्टिस का कोई विकल्प नहीं है। यह बराबरी का मुकाबला होगा, लेकिन न्यूजीलैंड के पास बढ़त होगी।

देश के लिए खेलने की शारीरिक और मानसिक चुनौती में बायो-बबल को जोड़ दीजिए

टीम इंडिया इस दौरे पर र्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के बाद 4 अगस्त से इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी। ऐसे में युवराज ने इस लंबे दौरे के दौरान बायो-बबल के अंदर रहने की वजह से खिलाड़ियों के सामने आने वाली अतिरिक्त चुनौती के बारे में अपने विचार रखें। उन्होंने कहा, ‘अपने देश के लिए खेलने की शारीरिक और मानसिक चुनौती पहले से थी, अब इसमें एक बायो-बबल जोड़ दीजिए। मुझे लगता है कि यह बहुत कठिन है। मुझे उम्मीद है कि कोरोना महामारी जल्द ही खत्म होगी और लोग अपने सामान्य जीवन जीना शुरू कर देंगे।’ बता दें कि टीम इंडिया के कोच रवि शास्त्री भी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के लिए बेस्ट ऑफ थ्री फाइनल को आदर्श बता चुके हैं। उन्होंने यह बात दौरे पर रवाना होने से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही थी।