कुछ लोग हमें कहते हैं इस बार नीतीश कुमार की सरकार वापसी नहीं करेगी। मैं उनको बस एक बात कहूंगा की मैं बिहार की राजनीति को दो तरीके से देखता हूं। पहला ये की नीतीश ओर बीजेपी के गठबंधन का अब तक बिहार में कोई तोड़ नहीं हैं। दूसरा की लोग नीतीश से इसलिए नाराज़ हो सकते हैं कि उसने आरजेडी के साथ पिछले चुनाव में गठबंधन क्यों किया।

यहां एक बात याद रखिए लोगों का गुस्सा अब नीतीश के खिलाफ कम हो गया। जैसे कि 2019 के चुनाव परिणाम में दिखा। हां नीतीश से नाराजगी हो सकती है लेकिन बिहार में अब भी नरेंद्र मोदी से नाराजगी जमीन पर नहीं दिखता। इसका मुख्य कारण हैं। किसान को दो दो हजार रुपए देना। नीतीश का प्लस प्वाइंट हैं।

महिला के लिए स्वयं सहायता समूह का ग्रुप बनना। जो मात्र 1% ब्याज पर कर्ज देती हैं। कुछ हद तक नीतीश पर लोग इसलिए भी भरोसा करते हैं कि बिहार में गांव गांव तक सड़क और बिजली पहुंची हैं। इस बात का को मोदी और अमित शाह भी समझते हैं। इसलिए वह किसी भी कीमत पर नीतीश से दुश्मनी मोल नहीं लेते।

इस बात को समझना पड़ेगा कि 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 22 सीट मिला था। जबकि नीतीश को मात्र २ फिर। व्ही विधानसभा चुनाव में अगर देखा जाए तो बीजेपी ने अच्छा परिणाम लाया। 53 सीट।

जबकि तीन बड़ी पार्टी को मिलाकर 178 यहां गौर करने वाली बात थी कि नीतीश के चेहरे के दम पर तो आरजेडी ओर कांग्रेस की सीटें बढ़ गई लेकिन जो नीतीश के वोटर थे वह नीतीश से नाराज़ हो गए और आरजेडी से सीटें JDU की कम हो गई। यानी आरजेडी से गठबंधन करके नीतीश ने अपना नुक़सान कर लिया।

अगर व्ही बीजेपी के साथ रहते तो 100 से अधिक सीटें उन्हें वैसे ही मिल जाता था। यहां सबसे गौर करने की बात ये हैं कि भले हम नीतीश के ताकत को कम आंके लेकिन मोदी और अमित शाह नीतीश कि ताकत बिहार के जानते हैं। यही कारण था कि जिस नीतीश कुमार के पास पिछले लोकसभा चुनाव में मात्र 2 सीटें थीं उससे गठबंधन करके नीतीश को 17 सीट दिया। ओर जो एनडीए 2014 में 32 सीट जीत कर आया नीतीश से हाथ मिलाने के बाद 39 सीट लाई।

जबकि आरजेडी को 0 मिला। ओर मैं अगले विधान सभा चुनाव का जहां तक मैं समझ पा रहा हूं भले कोई कुछ कहे लेकिन इस बार फिर नीतीश कुमार अपनी पुरानी छवि और सीट लेकर वापसी करेंगे। संभवत 200 से अधिक सीटें। इसलिए मेरा मानना है कि आरजेडी कांग्रेस को नीतीश की चिंता छोड़ यह सोचना चाहिए कि उसे 30-40 सीट भी मिलेगी या नहीं। अपना जो अभी विधायक हैं उसकी सीट बच पाएगी की नहीं इसपर चिंता करनी चाहिए।

कुछ लोग हमें कहते हैं इस बार नीतीश कुमार की सरकार वापसी नहीं करेगी। मैं उनको बस एक बात कहूंगा की मैं बिहार की राजनीति को…

Gepostet von Deepak Kumar am Montag, 8. Juni 2020