देश में लॉक डाउन जारी हैं इससे कामगारों की दिहाड़ी मजदूरी करने वाले लोगों का जहाँ एक और काम ठप्प हो गया. व्यापार सब बंद हैं. तो सबकी नजर देश की अर्थव्यवस्था पर जरूर रहती हैं.

अभी हाल में ही क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने कहा था की वित्त वर्ष 2020-21 में भारत की आर्थिक वृद्धि 0% रह सकती है.

एजेंसी ने इस दौरान देश में व्यापक राजकोषीय घाटा, ऊंचे सरकारी ऋण, कमजोर सामाजिक और भौतिक बुनियादी ढांचे और नाजुक वित्तीय क्षेत्र की आशंका व्यक्त भी किया

एजेंसी ने कहा था की हाल के वर्षों में भारत की आर्थिक वृद्धि की गुणवत्ता में गिरावट आयी है. इसका पता ग्रामीण परिवारों में खराब वित्तीय स्थिति, अपेक्षाकृत कम उत्पादकता और कमजोर रोजगार सृजन से चलता है.

मूडीज ने चेतावनी दिया था की कोरोना वायरस महामारी से लगा झटका आर्थिक वृद्धि में पहले से ही कायम नरमी को और बढ़ा देगा. इसने राजकोषीय घाटे को कम करने की संभावनाओं को पहले ही कमजोर कर दिया है.