कल पीएम मोदी देश को सम्बोधन को करते हुए लॉक डाउन को बढ़ाने का फैसला किया. लेकिन उन्होंने ये नहीं बताया की ये कब तक रहेगा. पीएम मोदी ने अपने सम्वोधन में आत्म निर्भर भारत बनाने का सकंल्प लिया.

वही लॉक डाउन से बिगड़ी अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए 20 लाख करोड़ का विशेष पैकेज का एलान किया.

साथ ही भावी कदमों का संकेत दिया जो आने वाले वर्षों में ना केवल देश के आर्थिक ढांचे को बदलने वाला होगा बल्कि इसका व्यापक कूटनीतिक असर भी देखने को मिलेगा।

वही पीएम ने 20 लाख करोड़ रुपए की आर्थिक पैकेज का एलान करते हुए कहा की इससे हमारे कुटीर उद्योग, गृह उद्योग, हमारे लघु-मंझोले उद्योग, हमारे MSME के लिए है, जो करोड़ों लोगों की आजीविका का साधन है, जो आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प का मजबूत आधार है।

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लेकिन अब सवाल यही उठ रहा हैं की इतना पैसा आएगा कहाँ से क्या बाकई में इतना संभव हैं जाहिर सी बात हैं नहीं में जबाब होगा. तो फिर आएगा कहा से इतना पैसा?

दरअसल सरकार ने तीन दिन पहले ही चालू वित्त वर्ष के लिए बाजार से कर्ज लेने का लक्ष्य 7.8 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 12 लाख करोड़ रुपये कर दिया है यानी सरकार इस साल 4.2 लाख करोड़ रुपये अधिक कर्ज लेगी.

बताया जा रहा हैं जो पीएम मोदी ने 20 लाख करोड़ रूपए की घोषणा किया हैं उसमे RBI का 8.04 लाख करोड़ रुपये भी शामिल हैं जिसे RBI ने फरवरी, मार्च और अप्रैल के महीने में कई तरह से सिस्टम में नकदी बढ़ाने के लिए किया जा चुका है।

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वही इस 20 लाख करोड़ में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से घोषित ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना वाला 1.7 लाख करोड़ रुपये भी शामिल हैं. यानी कुल मिलाकर आप ये कह सकते हैं की RBI का 8.04 लाख करोड़ और इधर 1.7 लाख करोड़ को मिला दे तो करीब 9.74 लाख करोड़ हो जाता हैं जो पैसा खर्च हो चूका हैं.

यानी अब बाजार से सरकार जो 12 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लेगी तो कुल हो जायेगा करीब 21.74 लाख करोड़ हालाकिं कितना पैसा कहा जायेगा और जो 20 लाख करोड़ के बाद 1.74 लाख करोड़ बचेगी वह कहा जायेगा इसके बारे में आज निर्मला सीतारमण बिस्तार से बताएगी

इस खबर में कुछ और जानकारी आएगा तो अपडेट की जाएगी