कल एनसीआरबी ने 2020 में कुल हुए अपराध को लेकर रिपोर्ट जारी किया है। इस रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश का नंबर लगभग सभी अपराध के मामलों में ऊपर है।

रेप के मामलों में 5,310 रेप के साथ राजस्थान पहले स्थान पर है। 2,769 रेप के साथ उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर, 2,339 रेप के साथ मध्यप्रदेश तीसरे नंबर पर, 2,061 रेप के साथ महाराष्ट्र चौथे स्थान पर और 1,657 रेप के साथ असम पांचवे स्थान पर है।

इस रिपोर्ट में हैरान करने वाली बात यह है कि बलात्कार करने वाले 95 फीसदी आरोपी लड़की के सगे संबंधी परिवार वालों के नाम हैं। रिपोर्ट में बताया गया पिछले साल 2020 में देश भर में कुल 28,046 रेप के केस दर्ज हुए जिसमें से 26,808 केस ऐसे थे जिनमें पीड़ित लड़की ने अपने करीबियों पर ही बलात्कार करने का आरोप लगाया है। जबकि राजस्थान के मामले देखा जाए तो वहां 5,310 केस में 5,046 आरोपी सगे संबंधी पाए गए।

रिपोर्ट में 95 फीसदी का आंकड़ा कुछ इस प्रकार है…

13,555 आरोपी पड़ोसी या पारिवारिक सदस्य हैं।

10,751आरोपी, लड़की के दोस्त या प्यार में शादी का झांसा देकर शारीरिक संबध बनाया।

2,502 आरोपी परिवार के सदस्य हैं।

1,238 आरोपी वैसे रहें जो लड़की के अंजान थे।

वहीं हत्या के मामलें में उत्तर प्रदेश सबसे ऊपर है। रिपोर्ट के अनुसार 2020 में देश भर में हर दिन 80 लोगों की हत्या की गई। जबकि 2019 के मुकाबले 2020 में एक फीसदी हत्या के मामले बढ़े हैं. 2020 में देश भर में कुल 29,193 लोगों की हत्या की गई. जिसमें 3,779 मर्डर के साथ उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर, 3,150 मर्डर के साथ सुशासन बाबू का बिहार भी है, 2,163 मर्डर के साथ महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर, 2,101 मर्डर के साथ मध्यप्रदेश चौथे स्थान पर और 1,948 मर्डर के साथ पश्चिम बंगाल पांचवें स्थान पर है।

रिपोर्ट के अनुसार भारत में अपहरण के मामले में कमी आई है लेकिन फिर भी ये आंकड़ा 84,805 के साथ विराजमान है। इसमें भी उत्तर प्रदेश 12,913 की संख्या लेकर सबसे पहले स्थान पर है, 9,309 की संख्या के साथ पश्चिम बंगाल दूसरे स्थान पर, 8,103 संख्या के साथ महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर, 7889 की संख्या के साथ बिहार चौथे स्थान पर, 7,320 की संख्या के साथ मध्यप्रदेश पांचवें स्थान पर और देश की राजधानी दिल्ली 4,062 की संख्या के साथ छठे स्थान पर है।

वहीं रिपोर्ट के अनुसार 2020 में महिलाओं के खिलाफ हुए अपराध के आंकड़े कुछ इस प्रकार हैं…..

कुल मामले 3,71,503……

1,11,549 मामले पति या रिश्तेदार द्वारा उत्पीड़न के…

85,392 मामले छेड़खानी के…

28,046 मामले बलात्कार के…

6,966 मामले दहेज उत्पीड़न के प्रयास से…

105 मामले एसिड अटैक के…

इस रिपोर्ट में एक खास बात ये भी है कि 28,046 रेप पीड़ित में 25,498 पीड़ित वयस्क हैं जबकि 2,655 पीड़ित 18 साल से कम उम्र की हैं….

सरकार को परेशान करने वाली इस रिपोर्ट के जरिए एक बात सामने आई है इस रिपोर्ट में बताया गया कि 6,12,179 ऐसे मामले दर्ज किए हैं जो सरकार के आदेशों को सीधा मानने से इंकार कर दिया है।

वहीं जितना डिजिटल भारत की तरफ बढ़ रहें है उतना ही हम असुरक्षित भी हो रहें है..इस रिपोर्ट को सामने आने से पता चलता है. 2020 में साइबर मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। 2020 में 50,035 मामलें दर्ज किए गए हैं। जिसमें अधिकतर बैंकिंग फ्रॉड, क्रेडिट-डेबिट की फ्रॉड, ओटीपी फ्रॉड, एटीएम फ्रॉड, फर्जी प्रोफाइल बनाकर पैसे ठगना जैसे मामलें हैं।

वहीं एसिड अटैक के मामलों में पश्चिम बंगाल पहले नंबर पर, उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर और ओडिशा तीसरे स्थान पर है। रिपोर्ट में अपहरण को लेकर दो आंकड़े है. पहला कि शादी के लिए लड़कियों का अपहरण करने के मामले में उत्तर प्रदेश पहले स्थान है, बिहार दूसरे स्थान पर और असम तीसरे स्थान पर विराजमान है।

वहीं लड़कियों की अपहरण के बाद हत्या के मामलों में उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर, झारखंड दूसरे स्थान पर और छत्तीसगढ़ तीसरे स्थान पर है। वहीं लड़कियों/महिलाओं को अपरहण करके बच्चे गिराने के मामलेे में उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर, पश्चिम बंगाल दूसरे स्थान पर और बिहार तीसरे स्थान पर है।

नोट : बाकी जिनको और विस्तार से जानना है तो NCRB वेबसाइट पर जाए वहां विस्तार से पढ़े। नीचे लिंक दे रहा हूं।

https://ncrb.gov.in/en/Crime-in-India-2020